28.6.20

कमलेश शर्मा "कमल" की कविता - '' धोखेबाज चीन ''












धोखेबाज चीन

सारे पड़ोसी नाम के हैं, अच्छा न एक से नाता है ।
कितने घाव दिए हैं सब ने, अब सहा  न जाता है।।
अपने पैसों से ही  तो, इसका  घर  चल  पाता  है ।
चूजे का बच्चा देखो, शेर को  आँख  दिखाता  है ।।

अब तो आग उगल दी तूने, कर ली हमसे गद्दारी ।
वीर जवानों का बलिदान, पड़ेगा तुझ  पर  भारी ।।
हद में रहो चीनी पिद्दों, औकात  नहीं  है  तुम्हारी ।
पाक से बाद में निपटेंगे,  अब  पहले  तेरी  बारी ।।

चालबाज चीन तूने,  शुरू  किया  नया  बखेड़ा  है ।
सन बासठ वाला समझ के, तूने हमको  छेड़ा  है ।।
शेर शहीद  हुए  हमारे,  पर  गीदड़ों  नहीं  छोड़ा है ।
जय हिंद के वीरो तुमने,चीनियों को बहुत खदेड़ा है।। **


   कमलेश शर्मा "कमल"

      मु. पो. अरनोद, जिला:- प्रतापगढ़ (राज.)312615











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संकलन - सुनील कुमार शर्मा, पी.जी.टी.(इतिहास),जवाहर नवोदय विद्यालय,जाट बड़ोदा,जिलासवाई माधोपुर  ( राजस्थान ),फोन नम्बर– 09414771867

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