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16.6.20

कवि संगीत कुमार बर्णवाल की मार्मिक कविता - '' सुशांत तूने ये क्या किया ''















सुशांत तूने ये क्या किया 


सुशांत     तूने        ये       क्या       किया 
जीवन       से       क्यों       हार        गया 
एक  बिहारी  हो  के  भी  ऐसा  काम  किया 
बिहार   का   सूरज   बन  तू   निकला   था 
क्यों         ऐसे        ही      ढल         गया 
सुशांत      तूने        ये        क्या     किया 

अपने   जो  तुम   दुनियाँ  से  खिसक  चले
हम   बिहारी   को    भी     खिसका     दिए 
हम       बिहारी       न      हार       मानते 
दृढनिश्चय    कर     आगे    बढते     जाते
हर  मौसम     को     हँस - हँस       झेलते 
अपने     अनूकूल    उसे   यूँ    ही     करते 
सुशांत      तूने       ये     क्या         किया 

हम बिहारी का  अरमान  बन  निकला  तू
कोसी   क्षेत्र   में    तू    जन्म   लिया   था
भयंकर त्रासदी को तू जन्म से देख रहा था
हर    विपदा    बाढ    को    झेल   रहा  था
पर      हार      न    मानना     था     तुझे
सुशांत      तूने       ये       क्या      किया 

हम     बिहारी     कहीं     भी    रह    लेते 
पर   स्वाभिमान  से  समझौता  न  करते
हर       क्षेत्र        में        आगे       बढते
संघर्ष    को   सहर्ष   स्वीकार   कर   लेते 
हजारों   किलोमीटर  पैदल  यूँ  चल  लेते
सुशांत      तूने      ये      क्या       किया **


      - संगीत कुमार बर्णवाल 

        जबलपुर







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संकलन - सुनील कुमार शर्मा, पी.जी.टी.(इतिहास),जवाहर नवोदय विद्यालय,जाट बड़ोदा,जिलासवाई

माधोपुर  ( राजस्थान ),फोन नम्बर– 09414771867





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