21.6.20

कवि संगीत कुमार बर्णवाल की कविता - '' चीन तू अब सम्भल जा ''












चीन तू अब सम्भल जा


चीन   तू   अब   सम्भल   जा
खुद न सर्वशक्तिमान  समझ
ये       तुम       जान       लो
अन्त   तेरा   हो   के    रहेगा 

अब    नहीं   चलेगी     धूर्तता 
हर हिन्दुस्तानी जाग    चुका 
द्वार   तुम्हारे  आ    जायेगा 
सब हेकरी तेरा खत्म    होगा 

चालबाज   तू    शैतान      है
विश्व का दुश्मन बना    हुआ
अब    तेरा   नहीं       चलेगा 
तू    नष्ट     हो        जायेगा 

बुद्ध    को    हमने        दिया 
शांति   पाठ      हमने   दिया 
तुम      हिंसा  पे   उतारु   हो 
ये   न    अब   बर्दाश्त   होगा

नीचता     को      त्याग    दो
श्रेष्ठता   को     अपना     लो
धूर्तता      तुम     छोड़     दो
कुपथ      को      त्याज    दो

बुद्ध को  तुम     मानते     हो
हिंसा     को      त्याग      दो
अभी     भी      सम्भल   जा 
युद्ध     को      विराम      दो **


  - संगीत कुमार बर्णवाल
            जबलपुर






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संकलन - सुनील कुमार शर्मा, पी.जी.टी.(इतिहास),जवाहर नवोदय विद्यालय,जाट बड़ोदा,जिलासवाई

 माधोपुर  ( राजस्थान ),फोन नम्बर– 09414771867

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