18.2.20

मेरी हत्या

















( कवि श्रीकृष्ण शर्मा के काव्य - संग्रह - '' अक्षरों के सेतु '' से सन 1975 में लिखी गई रचना )


मेरी हत्या 

मैं 
बचने के लिए 
गिरने से पाँव जमाये था 
धरती में और हवा को पकड़कर 
धँस रहा था आकाश में 
खिलखिलाता !

मुझे 
हँसता देख 
सभी खिल - खिला ऊठे ,
तुम भी खिले ,
पर मुझे तोड़कर !

अब -
केवल तुम खुश थे ,
लेकिन और सब स्तब्ध 
देखकर मेरी हत्या !

- श्रीकृष्ण शर्मा 
------------------------------------------


संकलन - सुनील कुमार शर्मा, पी.जी.टी.(इतिहास),जवाहर नवोदय विद्यालय,जाट बड़ोदा,जिलासवाई माधोपुर  ( राजस्थान ),फोन नम्बर– 09414771867

No comments:

Post a comment

आपको यह पढ़ कर कैसा लगा | कृपया अपने विचार नीचे दिए हुए Enter your Comment में लिख कर प्रोत्साहित करने की कृपा करें | धन्यवाद |