9.3.20

फागुनी मुक्तक


कवि श्रीकृष्ण शर्मा के मुक्तक - संग्रह - '’ चाँद झील में '' से लिया गया है -

फागुनी मुक्तक 

इस धूल के हर कण में , रंगों का जनम होता ,
फगुनौटी का हर झोंका,लगता है कि 'रम'  होता ,
बेहद  सजी  औ '   सँवरी  मुद्रा  लिए  प्रणामी - 
ये बगिया देख करके दुलहिन का भरम होता |


             - श्रीकृष्ण शर्मा 
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 www.shrikrishnasharma.com


संकलन - सुनील कुमार शर्मा, पी.जी.टी.(इतिहास),जवाहर नवोदय विद्यालय,जाट बड़ोदा,जिलासवाई माधोपुर  ( राजस्थान ),फोन नम्बर– 09414771867

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