20.4.20

पवन शर्मा की लघुकथा - '' हद ''




                   ( प्रस्तुत लघुकथा – पवन शर्मा की पुस्तक – ‘’ हम जहाँ हैं ‘’ से ली गई है ) 


                                  हद 

घर में घुसते ही माँ दरवाजे पर खड़ी मिली , कुछ चिंतित - सी |
          ' क्या हो गया रे ? '  माँ पूछती है |
          ' शिवराम और गणेश में झगड़ा हो गया | '  मैने बताया |
          ' मार - पीट भी ? '
          ' हाँ | '
          ' किसी को चोट तो नहीं लगी ? '
          ' लगी है | '
          ' किसे ? '
          ' शिवराम को | '
          ' लेकिन वो तो गणेश के मुकाबले काफी तगड़ा है , फिर भी ... | '
          ' तगड़ा है तो क्या हुआ ? गणेश के चार - चार लड़के हैं | वे क्या बैठे - बैठे बाप को पिटता देखते रहते ! '
          ' फिर ? '
          ' फिर क्या ? ... शिवराम को अस्पताल पहुँचा दिया गया है और थाने में रिपोर्ट कर दी है शिवराम ने | '
          ' लेकिन झगड़ा क्यों हुआ ? |
          ' कोई खास बात नहीं ... गणेश का कहना है कि शिवराम उसकी जमीन की हद दबाता चला जा रहा था ... बस , इतनी - सी बात पर | '
          ' उफ़ ! '  माँ चिंतित स्वर में कहती है ,  ' दो देशों की हद पर क्या होता होगा ? प्रेम - प्यार से झगडे नहीं निपट सकते ? ' 
   अचानक मुझे माँ के भोलेपन पर हँसी आ गई |

       - पवन शर्मा 
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पता
श्री नंदलाल सूद शासकीय उत्कृष्ट  विद्यालय ,
जुन्नारदेव  , जिला - छिन्दवाड़ा ( म.प्र.) 480551
फो. नं. - 9425837079 .
ईमेल – pawansharma7079@gmail.com



संकलन - सुनील कुमार शर्मा, पी.जी.टी.(इतिहास),जवाहर नवोदय विद्यालय,जाट बड़ोदा,जिलासवाई माधोपुर  ( राजस्थान ),फोन नम्बर– 09414771867

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