Followers

13.11.20

कवि संगीत कुमार वर्णबाल की कविता - " कृष्ण प्रभु "

 










कृष्ण प्रभु


आओ आओ कृष्ण प्रभु तुम आओ ना
अपना रासलीला दिखाओ ना
जग में अमृत बरसा दो ना 
सोलह कला से सज धज चंद्रमा 
आज अपनी आभा बिखेरी है
पायस की बूंदे बसुधा पर छाई है
चलो चलो मिल खुशीयाँ मनाये 
शरद पूर्णिमा जो आई है
आओ आओ कृष्ण प्रभु तुम आओ ना
अपना रासलीला दिखाओ ना **

      - संगीत कुमार वर्णबाल 
-------------------------------

संकलन – सुनील कुमार शर्मा , जवाहर नवोदय विद्यालय , जाट बड़ोदा , जिला – सवाई माधोपुर ( राजस्थान ) , फोन नम्बर – 9414771867.

3 comments:

  1. बहुत सुन्दर।
    रूप-चतुर्दशी और धन्वन्तरि जयन्ती की हार्दिक शुभकामनाएँ।

    ReplyDelete
  2. शास्त्री जी आपको भी हार्दिक शुभकामनाएँ |

    ReplyDelete

आपको यह पढ़ कर कैसा लगा | कृपया अपने विचार नीचे दिए हुए Enter your Comment में लिख कर प्रोत्साहित करने की कृपा करें | धन्यवाद |