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14.11.20

कवि संगीत कुमार वर्णबाल की कविता - " दीप "

 






दीप 

तिमिर चीर दीप जलाए 
प्रकाश का अमन चैन फैलाये
सारे जग को जगमग कर 
हृदय द्वार में प्रेम फैलाये
खुशियाँ हम मिलजुल मनाये
रोग दोष  को दूर भगाये
आपस में भाईचारा लाये
अंधकार को दूर भगाये
साफ सफाई घर द्वार करे
रंग रोगन कर सुन्दर बनाये
घर घर में दीप जलाये
मां लक्ष्मी का आराधना कर
लड्डू का भोग लगाये
हर घर में रंगोली बनाये
हर द्वार फूलों से सजाये
खुशियों का मिल संगीत गाये
तिमिर चीर दीप जलाए
प्रकाश का अमन फैलाये  **

                  - संगीत कुमार वर्णबाल 

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संकलन – सुनील कुमार शर्मा , जवाहर नवोदय विद्यालय , जाट बड़ोदा , जिला – सवाई माधोपुर ( राजस्थान ) , फोन नम्बर – 9414771867.


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