20.9.20

कवि संगीत कुमार वर्णबाल की कविता - " बेरोजगारी का कहर "


संगीत कुमार वर्णबाल 







बेरोजगारी का कहर 


भव असमंजस से भर गया 
बेरोजगारी का कहर छा गया 

पढ़ लिख कर युवा दम तोड़ रहा 
नौकरी न अब मिल रही 

एमए,बीए पास ,नहीं मिला रोजगार 
बीटेक ,एमटेक कर सब हुआ बेकार

शिक्षा दीक्षा पाकर, कर रहा बेगार
दो रोटी पाने ,कर रहा मारममार

भूख प्यास से जीवन तरस रहा 
माँ -बाप का सर दर्द बन रहा 

क्या होगा इस राष्ट्र का हाल
युवा का हाल तो  हुआ बेहाल  

अनहोनी तो अब हो के रहेगा 
युवा   कफन  सिर बांध लिया 

सरकारी भर्ती अब न हो रही 
बेरोजगारी पैर पसार रहा 

आश्वासन से भूख न मिट रहा 
विश्वास किसी पर न हो रहा

शादी विवाह अब न हो रहा 
माँ बाप रिश्ता दर दर खोज रहा 

दरिद्रता घर घर आ गयी 
सुख चैन सब का छीन लिया 

आक्रोश जन जन में फैल गया 
जन जीवन तो बदहाल हुआ 

भव असमंजस से भर गया 
बेरोजगारी का कहर छा गया **

               - संगीत कुमार वर्णबाल 

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संकलन – सुनील कुमार शर्मा , जवाहर नवोदय विद्यालय , जाट बड़ोदा , जिला – सवाई माधोपुर ( राजस्थान ) , फोन नम्बर – 9414771867.

   


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