28.9.20

कवि संगीत कुमार वर्णबाल की कविता - " मोबाईल "

 










मोबाईल 


मोबाईल बना जीवन का अंग 
कर दिया दूरी को भंग 

दूर रहके भी पास लाता 
जीवन तो अब सच्चा लगता 

विडियो कॉलिंग पर बात होता 
अपनो से नजदीक बन जाता 

हर काम मोबाईल पर संभव हो जाता 
लोगों का हर काम आसान बनता 

द्रुत गति से संवाद पहुँचाता 
प्रत्युत्तर तुरंत मिल जाता 

चिट्ठी पत्री लिखना बंद हुआ 
मोबाईल हाथ में जब से आ गया 

हर काम अब आसान हुआ 
मोबाईल पर जानकारी मिल रहा 

पढ़ाई लिखाई, बैंकिंग सुविधा 
हर साधन मोबाइल पर मिल रहा 

बिन पोथी जानकारी मिलता 
मोबाईल ज्ञान का समंदर सालगता

कुछ बुराई भी इसमें दिखता 
लत बुरा जब इसका लगता 

छोटा बच्चा भी मोबाईल पकड़ता
समय से पहले तब आँख खराब होता 

माँ बाप बच्चे से पिंड छुड़ाते
मोबाईल बच्चों के हैं हाथ पकड़ाते 

बच्चों को समय से पहले 
बुरा लत लग जाता 

ऑन लाइन पढाई जब चलता 
मोबाईल हाथ उनके लग जाता 

विडियो गेम भी खूब खेलता 
आँखों से  तब आंसू बहता 

मोबाईल अच्छा -बुरा का संगम 
आधुनिक जीवन का कंगन

मोबाईल बना जीवन का अंग 
कर दिया दूरी को भंग **






              - संगीत कुमार वर्णबाल






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 संकलन – सुनील कुमार शर्मा , जवाहर नवोदय विद्यालय , जाट बड़ोदा , जिला – सवाई माधोपुर ( राजस्थान ) , फोन नम्बर – 9414771867.



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