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26.8.20

कवि संगीत कुमार वर्णबाल की कविता " हृदय की धड़कन मन का कंपन "













हृदय की धड़कन मन का कंपन

हृदय की धड़कन मन का कंपन
रोदन से अब भर गया 
जीवन चहुँदिस अवरूद्ध हुआ 
मन भ्रांति से काँप रहा
कोरोना का कहर खूब बढ रहा
हृदय की धड़कन मन का कंपन 
बेतहाशा जन जीवन बदहाल हुआ 
चहुँदिस मानव रोग से संक्रमित हुआ 
छुआ छूत खूब फैल रहा 
दवा सटीक न मिल रहा 
अनुमान पर सब चल रहा 
हृदय की धड़कन मन का कंपन 

भीड़ -भाड़ सब बढ रहा 
काम की ओर लोग दौड़ पड़े 
सामाजिक दूरी का न ख्याल रहा
लोग लोग से सट रहे
रोग देह -देह से  फैल रहा 
हृदय की धड़कन मन का कंपन 

बुढा जवान में  न फर्क रहा 
हर कोई संक्रमित हो रहा 
काल के मुँह में जा रहा 
घर परिवार बर्बाद हुआ
अपनो को लोग छोड़ चला 
हृदय की धड़कन मन का कंपन 
रोदन से अब भर गया **

             - संगीत सारंग 

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संकलन – सुनील कुमार शर्मा , जवाहर नवोदय विद्यालय , जाट बड़ोदा , जिला – सवाई माधोपुर ( राजस्थान ) , फोन नम्बर – 9414771867.

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