7.7.20

कवि श्रीकृष्ण शर्मा की कविता - '' अक्षरों के सेतु ''

( कवि श्रीकृष्ण शर्मा के काव्य - संग्रह - '' अक्षरों के सेतु '' से लिया गया है )












अक्षरों के सेतु


छटपटाती भावनाएँ ,
चेतना – हत कामनाएँ ,
औ’ अपाहिज – से पड़े संकल्प |


घेर कर बैठे
फरेबी – स्वार्थी – लोलुप – दरिन्दे
भेड़िये औ’ सर्प |


भूख – निर्धनता – अभावों के
विकट लाक्षागृहों में
राख होता सूर्य |


चक्रव्यूहों में फँसी
यह जिन्दगी संघर्ष – रत है ,
आत्म – रक्षा हेतु |


पर
कुचक्री सिन्धु के उस पार तक
निश्चय रचूंगा ,
अक्षरों के सेतु | **




  
    - श्रीकृष्ण शर्मा 





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संकलन - सुनील कुमार शर्मा, पी.जी.टी.(इतिहास),जवाहर नवोदय विद्यालय,जाट बड़ोदा,जिलासवाई माधोपुर  ( राजस्थान ),फोन नम्बर– 09414771867

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