30.7.20

लघुकथाकार पवन शर्मा की लघुकथा - '' चेहरे ''

                ( प्रस्तुत लघुकथा – पवन शर्मा की पुस्तक – ‘’ हम जहाँ हैं ‘’ से ली गई है )  





                                     चेहरे


एक रुल पेट में पड़ा कि वह जानवर की तरह डकारने लगा | रात्रि का तीसरा पहर काँप उठा | थोड़ी देर बाद दर्द कम होने पर वह शाँत हो गया | इंस्पेक्टर के चेहरे पर उभरा बहशीपन धीरे – धीरे कम होने लगा , ‘ पानी पीना है ? ’
          ‘ हाँ | ’
          एक सिपाही गिलास में पानी लाता है | वह पानी पीता है |
          ‘ एक बात बता – इतनी रात गए तू वहाँ पर क्या कर रहा था ? ’  इंस्पेक्टर ने पूछा |
          ‘ प्रेस जा रहा था | ’
          ‘ क्यों ? ’
          ‘ अखबार में छपने के लिए मैटर देने | ’
          ‘ कौन – से अखबार में ? ’
          ‘ साप्ताहिक जन – चेतना में | ’
          ‘ अब समझा साले ... ’ , इंस्पेक्टर के चेहरे पर फिर से बहशीपन उभरने लगा , ‘ लेकिन साले तू उधर से क्यों जा रहा था ... चौराहे वाले रास्ते से क्यों नहीं जा रहा था ? ’
          ‘ चौराहे वाला रास्ता लम्बा पड़ता है ... सुबह अंक निकलना था , इसलिए शार्टकट ... ’
          ‘ चुप साले ... फिर से एक बार और सुन ले कि तूने कुछ नहीं देखा ... समझा ! ’
          ‘ क्यों नहीं देखा – सब कुछ देखा है ... तुम्हें देखा है ... तुम्हारी बाहों से मुक्त होने की कोशिश करती उस लड़की को देखा है ... तुम्हें उस लड़की के साथ कुकर्म करते देखा है ... हैवानियत देखी है... और ....| ’  वह हाँफने लगा |
          ‘ चुप साले ... | ’  इंस्पेक्टर चीखा |
          ‘ अब सुबह के अंक में यही ख़बर छपेगी ...लोगों को पता चले खाकी वर्दी वालों के चेहरे ! ’
          एकाएक इंस्पेक्टर के चेहरे पर वहशीपन पुनः उभर आया और उसने उसके सिर पर रुल दे मारा | वह बेहोश होकर लुढ़क गया |
          ‘ रामसिंह इस साले को उस लड़की के साथ रेप केस बनाओ और साले को ... | ’
          ‘ लेकिन साब ... वो लड़की ... | ’  रामसिंह ने दबे स्वर में कहा |
          ‘ उस साली ने कौन – सा हमारा चेहरा देख लिया है ... | रही मेडिकल की बात , तो उससे भी निपट लेंगे | ’  कहते हुए इंस्पेक्टर ने सिगरेट सुलगाई ,  ‘ इस साले को तो हमने रात में गश्त लगाते हुए रंगे हाथ पकड़ा है ... | हा ... हा ... हा ... | ’ ***

   
     - पवन शर्मा 
       पता
श्री नंदलाल सूद शासकीय उत्कृष्ट  विद्यालय ,
जुन्नारदेव  , जिला - छिन्दवाड़ा ( म.प्र.) 480551
फो. नं. - 9425837079 .
ईमेल – pawansharma7079@gmail.com




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संकलन - सुनील कुमार शर्मा, पी.जी.टी.(इतिहास),जवाहर नवोदय विद्यालय,जाट बड़ोदा,जिलासवाई माधोपुर  ( राजस्थान ),फोन नम्बर– 09414771867
      
           
         




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