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24.10.21

कवि श्रीकृष्ण शर्मा का गीत - " लग रहा है "

 यह गीत श्रीकृष्ण शर्मा की पुस्तक - " बोल मेरे मौन " ( गीत - संग्रह ) से लिया गया है -












लग रहा है 


भोर आता जा रहा है ||


स्वप्न की प्रिय नाटिका का ,

ओर आता जा रहा है |

भोर आता जा रहा है ||


लग रहा है अब अँधेरी ,

और गहरी हो रही है ;

अब सितारों के ह्रदय की ,

धडकनें भी खो रही हैं ;


जग गई है वात सुधि - सी ,

जो अभी तक सो रही थी ;

रात अपना मुँह , विदा के ,

आँसुओं से धो रही है ;


चाँदनी के चीर का भी ,

छोर आता जा रहा है |

भोर आता जा रहा है !!


                   - श्रीकृष्ण शर्मा 


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संकलन – सुनील कुमार शर्मा , जवाहर नवोदय विद्यालय , जाट बड़ोदा , जिला – सवाई माधोपुर ( राजस्थान ) , फोन नम्बर – 9414771867.


2 comments:

  1. बहुत बहुत सुन्दर सराहनीय

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  2. आदरणीय आलोक सिन्हा जी को बहुत - बहुत धन्यवाद |

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