Followers

17.10.21

पवन शर्मा की कविता - " खबरदार मालिक "

 यह कविता , पवन शर्मा की पुस्तक - " किसी भी वारदात के बाद " ( कविता - संग्रह ) से ली गई है -



 








खबरदार मालिक 


हमारे भैयाजी 

बहुत सीधे हैं गऊ हैं 

कैसे छोड़ दिया तुमने मालिक 

उनके ऊपर 

लात और घूँसे 


क्यों 

क्यों दे रहे सफाई 

अब तुम मालिक 


कुछ भी कह लो 

कितनी भी सफाई दे लो 

हम तुम्हारी 

नस - नस से वाफिक हैं मालिक 

वाफिक हैं 

तुम्हारे घड़ियाली आँसुओं से 


हम जानते हैं 

हमारे पुरखों ने 

तुम्हारे पुरखों के पैर दबाये 

की है जी हुजूरी 

जीवन भर 


कान खोल कर सुन लो मालिक !

नहीं दबाएँगे हम 

तुम्हारे पैर 

नहीं करेंगे हम 

जी हुजूरी  


अब वो दिन नहीं रहे 

उठा लेते थे जब तुम 

हमारे कमजोर बदन पर 

अपने हाथ 


खबरदार मालिक !

अब तुम 

हिम्मत नहीं करना 

हमारी तरफ 

आँख उठाने की भी !  **


                        -  पवन शर्मा 


--------------------------------------


संकलन – सुनील कुमार शर्मा , जवाहर नवोदय विद्यालय , जाट बड़ोदा , जिला – सवाई माधोपुर ( राजस्थान ) , फोन नम्बर – 9414771867.


1 comment:

आपको यह पढ़ कर कैसा लगा | कृपया अपने विचार नीचे दिए हुए Enter your Comment में लिख कर प्रोत्साहित करने की कृपा करें | धन्यवाद |