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26.3.21

कवि श्रीकृष्ण शर्मा का मुक्तक - " फागुनी मुक्तक "

 यह मुक्तक , श्रीकृष्ण शर्मा की पुस्तक - " मेरी छोटी आँजुरी " ( दोहा - सतसई ) से लिया गया है -




 











फागुनी मुक्तक 


इस धूल के हर  कन  में ,   रंगों     का  जनम   होता ,

फगुनौटी का हर झोंका , लगता है कि  ' रम ' होता ,

बेहद   सजी    औ '    सँवरी   मुद्रा    लिए    प्रणामी -

ये   बगिया  देख  करके  दुलहिन  का  भरम   होता | **


                                          - श्रीकृष्ण शर्मा 


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संकलन – सुनील कुमार शर्मा , जवाहर नवोदय विद्यालय , जाट बड़ोदा , जिला – सवाई माधोपुर ( राजस्थान ) , फोन नम्बर – 9414771867.


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