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22.4.21

कवि श्रीकृष्ण शर्मा का नवगीत - " हम सब तो आम हैं "

 यह नवगीत , श्रीकृष्ण शर्मा की पुस्तक - " एक अक्षर और " ( नवगीत - संग्रह ) से लिया गया है -















हम सब तो आम हैं 


हम सब तो आम हैं ,

खास नहीं ,

अपना कोई इतिहास नहीं |

          अपने हैं संग - साथ 

          तकलीफें ,

          पीड़ा है , आसूँ हैं 

          हैं चीखें ,

सपनों की 

हमको तलाश नहीं |


हम सब तो आम हैं 

खास नहीं ,

अपना कोई इतिहास नहीं |

          भूख बहिना ,

          अभाव है भाई ,

          बाप है पेट ,

          गरीबी माई ,

ख्वाहिशें बेवा ,

पर संकल्प अभी लाश नहीं |


हम सब तो आम हैं ,

खास नहीं ,

अपना कोई इतिहास नहीं |  **


                - श्रीकृष्ण शर्मा 


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संकलन – सुनील कुमार शर्मा , जवाहर नवोदय विद्यालय , जाट बड़ोदा , जिला – सवाई माधोपुर ( राजस्थान ) , फोन नम्बर – 9414771867.


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