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14.2.21

कवि संगीत कुमार वर्णबाल की कविता - " प्रेम कली बन आओ ना "

 




















प्रेम कली बन आओ ना 



आओ ना प्रेम कली बन आओ ना
अपनी अधरों की मुस्कान दिखाओ ना
नयन से नयन मिलाओ ना
प्रेम बसंत बन उर में समाओ ना     
  हिया से लग जाओ ना
अपना रंग बिखेर दो ना
प्राणवती तू प्रेमथी
अपना रूप दिखाओ ना
रंगों में रंग ज़ाओ ना
मन में सुगंध बन आ जाओ ना
आंखो में काजल सजाओ ना
ओठो की लाली दिखाओ ना
एक बार मुस्कुरा दो ना
उर में पुष्प खिलाओ  ना
आओ ना प्रेम कली बन आओ ना   **



           - संगीत कुमार वर्णबाल 

                         जबलपुर 

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संकलन – सुनील कुमार शर्मा , जवाहर नवोदय विद्यालय , जाट बड़ोदा , जिला – सवाई माधोपुर ( राजस्थान ) , फोन नम्बर – 9414771867.

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