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1.12.20

कवि संगीत कुमार वर्णबाल की कविता - " महंगाई "

 









महंगाई 


महंगाई आसमाँ छू रहा

सरकार नींद मे सो रहा

जनता तो बदहाल हुआ

लोग मे आक्रोश छा गया

महंगाई आसमाँ छू रहा--

सरकारी कर्मी बेहाल हुआ

डीए जब से फ्रीज हुआ

जीना दुर्लभ हो गया

दिन मे तारा गीन रहा

महंगाई आसमाँ छू रहा--

क्या से क्या ये हो रहा

किसान रोड पर आ गया

पेट पालना दुर्लभ हुआ

मजदूरी अब न मिल रहा

महंगाई आसमाँ छू रहा

सरकार नींद मे सो रहा  **

- संगीत कुमार वर्णबाल 

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संकलन – सुनील कुमार शर्मा , जवाहर नवोदय विद्यालय , जाट बड़ोदा , जिला – सवाई माधोपुर ( राजस्थान ) , फोन नम्बर – 9414771867.

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