3.10.20

संगीत कुमार वर्णबाल की कविता - " बेटी होना क्या पाप है "

 










बेटी होना क्या पाप है 

बेटी होना क्या पाप है 
क्यों लोग हवसी बन बैठे हैं 

क्या गुनाह  था जो उसका जान लिया 
दुष्कर्म कर दानव उसका जीभ काट दिया 

शासन प्रशासन सब सो रहा 
पीड़िता के माँ बाप का न दर्द सुन रहा

क्यों बार बार ये घटना हो रहा
मानवता को शर्मसार कर रहा 

बेटी अगर न हो तो बेटा कहाँ से आयेगा 
फिर भी क्यों ना समझा करते हो

बेटा बेटी एक समान, सब मिल करें सम्मान 
गंदी मानसिकता त्याज दें,अच्छाई का करे सम्मान

आवाज कोई न सुन रहा 
दुष्कर्मी को न दण्ड मिल रहा 

सिर्फ मोमबत्ती जलाने से क्या होगा
क्या न्याय समय से मिल जायेगा 

राम राज कहाँ से आयेगा 
देश तो कलंकित हो गया 

बेटी होना क्या पाप है 
क्यों लोग हवसी बन बैठे हैं **

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संकलन – सुनील कुमार शर्मा , जवाहर नवोदय विद्यालय , जाट बड़ोदा , जिला – सवाई माधोपुर ( राजस्थान ) , फोन नम्बर – 9414771867.



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