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24.5.20

कवि संगीत कुमार वर्णबाल की कविता - '' गणेश वंदना ''












गणेश वंदना

हे गणपति गजवदन करते हम शत् शत् नमन । 
शंकर नन्दन पार्वती दुलारे  तुझे मिला प्रथम पूज्य वरदान ।। 
कष्टहरण दुखहरण हे प्रभु भगवान । 
हर कार्य आरम्भ करू तेरा नाम सुमिरन करू ।। 
हे गणपति गजवदन करते हम शत् शत् नमन । 

मोदक लड्डू तुझे अर्पण करू । 
लाल वस्त्र भेट करू दुवी दल चढा वंदन करू ।। 
जल तत्व के अधिपति शंकर नन्द भगवान । 
शुभ -लाभ दो रत्न तुम्हारे करते तुझे प्रणाम ।। 
हे गणपति गजवदन करते हम शत् शत् नमन । 

समुख, एकदंत, विघ्नहरण शंकर पुत्र गणेश । 
हर संस्कार आरम्भ करू प्रथम नाम ले तेरा प्रभु ।। 
हर कार्य श्रीगणेश करू ले गणेश का नाम । 
तेरे प्रतिमा के दर्शन बिन, न शुरू करू कोई काम ।। 
हे गणपति गजवदन करते हम शत् शत् नमन। 

शीश झुकाये जो जन तेरे चरणों मे आये । 
दुःख दारिद्रय सब कष्ट मिटे विनती सुनो भगवान ।। 
बुद्धि विधाता सिद्धि के दाता करते तुझे प्रणाम ।
एक अनुनय मेरी सुनो कर दो भव का कल्याण ।।
हे गणपति गजवदन करते हम शत् शत् नमन । **





              -   संगीत कुमार वर्णबाल 

         
                                जबलपुर 







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संकलन - सुनील कुमार शर्मा, पी.जी.टी.(इतिहास),जवाहर नवोदय विद्यालय,जाट बड़ोदा,जिलासवाई माधोपुर  ( राजस्थान

 ),फोन नम्बर– 09414771867

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